A girl’s dignity. 

Girls who wear jeans are characterless – Anonymous 

Girls who goes out with guys are slut- Anonymous 

Girls who do makeup are cheap – Anonymous 

Parents who allows all these to their daughters are also cheap and manner less. – Anonymous 

Like seriously? 

We are living in 21st century and still these kinds of mentality people have. Women in today’s world are facing lot of problems, discrimination, inequality. Some are against women’s health some against their freedom and some against women only. I’m still wondering what kind of insecurity these people have from women? 

Sad part is that not only men but women also discriminate women. 

Rape, molestation, harassing, female foeticide, Acid Attacks, honor killing are the most popular things done with women but there are many more things that tear women apart from inside and that is disrespectful towards them. 

There are lots of societies where women themselves point other women as a Slut, characterless or cheap by judging them with their own point of view. Why? Aren’t they a woman? Or they are not born from a woman?  

I’ll not go so far for an example, my own neighbor, She is a woman who continously speaks shit about another women. She is not only the one we have many such men and women who proclaim women who wears western clothes who goes out with guys who comes home late are characterless! I don’t give a damn on this but still all this things need to be stopped. These kind of mentality supports people to disrespect girls.

Why girls have to listen all this things aren’t we a human being with feelings just like others?  Why we have to prove ourselves every time in front of the society? 

I had a bit conversation with that Respected Aunty who claim to be respectful.. I asked her how can she say that a girl who wear jeans or shorts characterless? She replied proudly, beta dekh kar pata chal jata hai! Seriously? How she manages to see this by a girl’s dressing? There are many people like this aunty who abuses women. They even blame girl’s family for being irresponsible who doesn’t have this” amazing mentality and support their girls to wear to speak to do what they wants”. 

I want to tell all these men and women out there who are considering them as our “SHUBHCHINTAK (WELLWISHER)”, I don’t need your well wishes Stop abusing us Stop disrespecting us with your cheap mentality. We don’t have to prove ourselves to neither of you, we need our parents trust which is most important to us.If you can’t handle your son don’t blame it to us that we provoked your son, your son is mature enough to take his decisions and not to get provoked by someone else. If a girl have male friends that doesn’t mean she is a slut, Do you understand the word “FRIENDSHIP” if not then please go ahead and stop pointing out to my character. Well I would love to suggest you that stop your son to have any kind of relation with girls but wait what about your future daughter in law, will you be able to search for her and stop her too, well good luck!

And to everyone out there whether men or women who are against women, DON’T FORGET YOU YOURSELF ARE BORN FROM A WOMAN RAISED BY A WOMAN AND MIGHT BE BLESSED WITH A GIRL. We girls need not to prove us to anyone we are truthful to ourselves our families we don’t need anyone like you who doesn’t know the value of a woman. We too have feelings, we respect our elders we respect everyone but we expect the same from you, the love and respect you give your own daughter. Don’t be so judgemental. We get hurt when we listen to all this things about us! We too have self respect which gets hurt. Please understand. 

It is my humble request to everyone who are reading this please be respectful to women, understand our situation when we all face this. And if you still support these kinds of people then don’t you expect us to be humble and to respect you. If you have so much problem from women so please start with your own house your own mother and sister. Otherwise stay away. We might hurt you. 



Unconditional Love 

A friend of mine asked me ‘Do you still love him?’

I was quite for a while and then I replied yes I do! 

Yes I do love him. I love him a lot. I love harder. 

I love him like last breath of my life. 

My love for him is unimaginable and to me it is the most beautiful thing in the world. And I can’t stop loving him whether he loves me or not. 

I too had a Dream. 

Yes I too had a Dream. 

Dream of being loved, dream of being cared. 

Dream of being respected, dream of being pampered. 

Dream of a loving family and a loving partner. 

I’m also a human being I also expected so much things about my life nevertheless no one accomplished. 

I didn’t dream too much I just wanted you and me to be together forever happily. 

Me and you having successful life. 

To eat, to roam, to live with you, 

To have fun, to do all silly things with you, It was all dream for me. 

I expected you to fulfill my dreams with me. Did I expect something much? 

I wish I could achieve my dreams with you and only you. 

Baba ki Raat, Shivratri ki Raat. 

हर-हर महादेव।

शिव तेरे में शिव मेरे में, शिव बसे हैं हर कड़ में। 

शिव की पूजा शिव की उपासना होती पल-पल में। 

जो भी पाया जो भी खोया देखा हर चीज मेरे शिव ने। 

कितना अद्भुत कितना न्यारा बाबा का बनारस सारा।

है जिसकी क्रोध में तेजी जिसकी मौन रहने में तेजी, 

उस जैसा नर्तक ना कोई उस जैसा स्थिर ना कोई। 

वैरागी का ध्यान है वो, अज्ञानी का ज्ञान है वो, 

सबसे बड़ा तपस्वी है वो सबसे बड़ा गृहस्थ है वो। 

शिव भक्ति शिव मोक्ष शिव ही परमसाध्य है, 

शिव स्नेह शिव राग शिव ही वीभत्स विभोर है। 

शिव की भक्ति में खुशी शिव ही देते है मुक्ति, 

जिसने शिव को चाहा शिव ने उसको अपनाया। 

जपते ओमकार सारे देव, तुम भी बोलो हर हर महादेव, महादेव, महादेव। 


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आखिरी फैसला ।

ना चाहते हुए भी वह अपने दिल की बात छुपाने लगी, 

काश उसने एक बार पूछा होता के वो चाहती क्या थी। 

ना चाहते हुए भी वह अपने आप को उससे दूर करने लगी, 

काश उसने एक बार उसे गले लगाकर बोला तो होता के वो सिर्फ़ उसके पास रहना चाहता था। 

चाहा तो सिर्फ एक उसे ही उसने, 

पर शायद इतनी चाहत कम थी उसके लिए। 

कभी पहली मुलाकात में एक दूसरे के रंगो की पसंद का रखते थे ख्याल, 

आज रखते हैं अपने पसंद का ख्याल। 

आखिरी उम्मीद बन गया है वो उसके लिए, 

काश उसकी आखिरी फैसला बन जाए वो। 


Ek subah सुबह-ए-बनारस ke naam. 

आज रही कुछ फुर्सत मे तो निकल गई बनारस से रूबरू होने। 

सुबह के कुछ 6 बज रहे होंगे हमेशा के तरह बनारसी पान और चाय के दुकानों पर दिखने लगे थे। हर तरफ हसी मजाक रूठना मनाना चालू था कही घर के किस्से तो कही नेतागीरी और अपने राजनैतिक दलों की बाते करते हुए। यही सब देखते हुए मैं पहुंची अस्सी घाट पर। 

चारों तरफ कितना सुकून कितनी खुशहाली देखते ही मन प्रसन्न हो गया। घाट किनारे लोगो का माँ गंगा में डुबकी लगाना,  बच्चों का घाट की सीढ़ियों पर खेलना खासकर क्रिकेट खेलना और उन्ही को देखते देखते बड़ो का भी उसमे शामिल होना रोज का ही है। घाट पहुंचते ही मल्लाह लोगो का गंगा के उस पार ले जाने की कोशिशों में जुटना छोटे बच्चों का कुछ खिलाने की जिद ये सब घाट की एक परम्परा समान है। 

मैं शांति से एक तरफ़ एक चाय ले कर उस सकारात्मक वातावरण में घुलने लगीं। कही किसी चबूतरे पर पहलवानों का कसरत करना कही किसी का ध्यान में विलीन होना कही कुछ परिवार के साथ गंगा किनारे घूमने के लिए आते। 

माँ गंगा की सुबह की आरती होना सबसे अद्भुत है। वहीं एक तरफ सुबह-ए-बनारस के मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता। यहा बैठे बैठे बस इतना ही मनाती हु के बनारस हमेशा ऐसे ही खुश रहे हमेशा ऐसे ही दूसरो को खुश रखता रहे। 

सुबह सुबह कचोरी गली की कचोरी मिल जाए तो बस मज़ा आ जाए आराम से खड़े हो कर गरम गरम कचोरी खाने का मज़ा ही कुछ और है। लंका चौराहे की जलेबी दही जलेबी रबड़ी सोचते ही मुह में पानी आ जाता है। बनारस आए और यहा सुबह-ए-बनारस का लुत्फ़ नहीं उठाया तो क्या फायदा? 

अद्भुत है अपना बनारस। 

मिलते हैं किसी दिन सुबह यही कही घाट किनारे। 


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बनारस तेरे रंग हज़ार! 

जैसा कि आप सबको मैंने पहले बताया है  कि मै बनारस से हू तो सोचा के पहले यही से शुरू करू। 

बनारस तेरे रंग हज़ार_! 

वाकयी कितना सच है कि बनारस तेरे रंग हज़ार यहा हर तरफ अलग अलग रंग दिखेंगे जहा नज़र जाती वहा अलग अलग तौर तरीकों को देखने को मिलता है. सोचती रही कि क्या लिखूँ बनारस पर । क्या नहीं लिखा जा चुका है। इसी खोज में निकल गई के शायद घर बैठे ना सही बाहर निकल कर कुछ लिख पाऊ। बाहर निकलने पर तो ऐसे अनुभव हुए के शायद शब्द कम पड़ जाए। 

दरअसल बनारस कोई शहर ही नहीं है। इसकी इतनी परिभाषाएँ हैं कि यह शहर हर शब्द के साथ कुछ और हो जाता है । यहा सिर्फ जिया नहीं जाता हर चीज में खुद को घोला जाता है हर तौर तरीकों को अपनाया जाता है। यहा ना तो हिंदू है ना मुसलमान यहा है तो सिर्फ बनारसी है यहा बनारसीपन है। बनारस को जानने के लिए उसको जीना पड़ता है बिना जीए ना तो आप बनारस को देख पाएंगे ना भोलेनाथ को। यहा बनारसीपन है तो उस बनारसीपन मे बाबा भोले शंकर भी है बच्चे से ले कर बुजुर्ग तक हर कोई बाबा से जुड़ा है बिना बाबा के किसी की सुबह नहीं होती। भोर के 3 बजते ही गलियों में मंदिरों से घंटियों की ध्वनियां आने लगती है हर हर महादेव की गूंज आने लगती है हर मस्जिद से अजान की आवाज आती। यहा लोग सिर्फ काम पर जाने के लिए नहीं निकलते बल्कि इसके अलावा भी निकलते है। यहा के लोगो के किस्से कभी खतम नहीं होते बल्कि हर रोज एक नए किस्से के साथ हाज़िर होते है पान और चाये की दुकानों पर। यहा किसी को जल्दी में नहीं पाओगे यहा लोग घंटो पान और चाये की दुकानों पर बीता सकते है और हर रोज एक नया दोस्त बना सकते हैं। यहा कोई बड़ा या छोटा नहीं होता यहा हर कोई गुरु होता यहा अभिवादन नमस्ते से कम महादेव और राम राम से ज्यादा होती है। हर शाम #गंगा आरती का लुत्फ उठाया जाता यहा, वही गंगा किनारे दोस्तो के साथ अड़िबाजी भी होती, हर गली चौराहो पर गाए और सांड दिख जाते जिनसे यहा किसी को तकलीफ नहीं होती। यहा लोग मौल्स से ज्यादा अस्सी घाट और वहा के हमारे टिंकू चाय वाले के यहा दिखेंगे वाकयी कितना लाजवाब है बनारस जितना लिखूं उतना कम है। यहा कोई पराया नहीं होता यहा सब अपने है यहा शर्मा जी वर्मा जी नहीं होते यहा मामा चाचा होते है। एक दिन मे जीतने अनुभव हुए है उतने तो कई दिनो मे नही होते। आज इतना ही लिखूंगी अब तो आप सब से मुलाकात होती रहेगी मन की बातें होती रहेंगी। एक बात कहूँगी बनारस के हक़ीक़त के बारे मे, 

यह ना मेरा है ना तेरा है #बनारस उसका है जो बनारस का है। 

हर हर महादेव। 

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